PPF (पब्लिक प्रॉविडेंट फंड)
इसे इस नाम से भी जानते हैं: पब्लिक प्रॉविडेंट फंड
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड एक सरकार-समर्थित, दीर्घकालिक बचत योजना है जिसमें 15-साल का लॉक-इन, टैक्स-फ्री ब्याज और धारा 80C टैक्स लाभ मिलते हैं।
PPF भारत के सबसे पुराने और सबसे लोकप्रिय बचत साधनों में से एक है। इसमें भारत सरकार की संप्रभु गारंटी होती है, जिससे मूलधन और ब्याज पूरी तरह जोखिम-रहित हो जाते हैं — इसमें कोई बाज़ार-आधारित घटक नहीं है।
ब्याज दर वित्त मंत्रालय हर तिमाही तय करता है और वर्तमान में यह लगभग 7.1% प्रति वर्ष है। ब्याज सालाना कंपाउंड होता है और 31 मार्च को खाते में जमा होता है। ख़ास बात यह है कि कमाया गया ब्याज और परिपक्वता राशि दोनों टैक्स-फ्री हैं, जिससे PPF एक दुर्लभ 'EEE' (छूट-छूट-छूट) साधन बन जाता है।
लॉक-इन अवधि 15 साल है, और 7वें साल से सीमित आंशिक निकासी की अनुमति है। परिपक्वता के बाद आप खाते को 5-साल के ब्लॉक में बढ़ा भी सकते हैं। वार्षिक योगदान ₹500 से ₹1.5 लाख तक हो सकता है, और ₹1.5 लाख की सीमा धारा 80C में गिनी जाती है।
PPF एक दीर्घकालिक पोर्टफोलियो के डेट-एंकर के रूप में सबसे अच्छा काम करता है। यह इक्विटी से आगे नहीं बढ़ेगा, लेकिन इसकी पूँजी सुरक्षा और टैक्स-फ्री कंपाउंडिंग इसे बच्चे की शिक्षा कोष या रिटायरमेंट जैसे लक्ष्यों के लिए आदर्श बनाती है।